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CBSE Board 10वीं और 12वीं परीक्षा कब होगी || CBSE Time Table 2019

CBSE Board 10वीं और 12वीं परीक्षा कब होगी || CBSE Time Table 2018

Hello Friends, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 10वीं और 12वीं की परीक्षा कब होगी और इसका टाइम टेबल क्या है यदि आप इसके बारे में जानना चाहते हैं तो इस पोस्ट में आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी.

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) (3 नवंबर 1 9 62 को स्थापित) संघ सरकार के तहत शिक्षा और सार्वजनिक स्कूलों का एक बोर्ड है. सीबीएसई बोर्ड नई दिल्ली में स्थित है. कई निजी और सरकारी स्कूल सीबीएसई बोर्ड के तहत संबद्ध हैं.

अब जैसे जैसे समय बीतता जा रहा है लोग गूगल पर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 10वीं और 12वीं परीक्षा की तिथि सर्च कर रहे हैं तो 2019 के लिए लागू होगी.

इस सम्बन्ध में आपको पूरी जानकारी इस पेज पर मिल जाएगी तो आप इस पेज के अंत तक विजिट करें और इसी तरह के जानकारी के लिए आप इसके नोटिफिकेशन को ओन जरुर कर लें.

जी हाँ, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 10वीं और 12वीं के बोर्ड एग्जाम की तिथि में बदलाव करने जा रहा है. इस बार इसका एग्जाम फरवरी अंतिम में ही शुरू हो जायेगा ऐसे में ये काफी जरुरी है कि आप इसके लिए तैयारी कर दें.

साथ ही ये बात का ध्यान भी रखें कि फरवरी अंतिम सप्ताह में सबसे पहले वोकेशनल विषयों की परीक्षा होगी क्योंकि इसमें कम छात्र होते हैं ऐसे में इनके एग्जाम सीबीएसई पहले लेगा.

ज्ञात हो कि पहले मुख्य विषयों की परीक्षा के बीच में ही वोकेशनल विषयों की परीक्षा होती थी. इस कारण परीक्षा अप्रैल अंतिम में जाकर समाप्त होती थी.

लेकिन इस बार आपको इतना लम्बा इन्तजार नहीं करना होगा बल्कि आप पहले ही इसके लिए एग्जाम दे सकते हैं.

निचे के न्यूज़ कट से आप इसे और विस्तार से समझ सकते हैं… जो की हिंदुस्तान टाइम्स से ली गयी है.

महत्वपूर्ण बिंदु…

  • सीबीएसई 10 वीं और 12 वीं व्यावसायिक विषयों के लिए बोर्ड परीक्षा फरवरी 201 9 से शुरू हो सकती है ताकि परीक्षा अवधि 7 सप्ताह से 4 सप्ताह तक कम हो सके.
  • सीबीएसई 201 9 यानी मानक स्तर या उच्च स्तर के गणित से कक्षा 10 वीं गणित के लिए 2 पत्र आयोजित कर सकता है.
  • केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड भी अगले सत्र से पेपर पैटर्न को संशोधित करने की योजना बना रहा है.
  • खबरों के अनुसार, लगभग 2.8 मिलियन छात्र 10 वीं और 12 वीं बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकृत हैं.

10 वीं कक्षा के छात्र दिसंबर 2018 के महीने में अपनी डेट शीट की उम्मीद कर सकते हैं. सीबीएसई 10 वीं कक्षा की परीक्षा मार्च / अप्रैल 201 9 के महीने में आयोजित की जाने की सम्भवनायें हैं.

कैसे डाउनलोड करें सीबीएसई 2019 की समय सारणी

  • छात्रों को सीबीएसई यानी cbse.nic.in की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करना है.
  • अब 10वीं और 12वीं कक्षा की समय सारणी का लिंक देखें .
  • उस लिंक पर क्लिक करें, आपको एक नए पृष्ठ पर रीडायरेक्ट किया जाएगा जिसमें एक पीडीएफ दस्तावेज होगा.
  • दिनांक पत्र पीडीएफ प्रारूप में होगा.

तो इस प्रकार आप सीबीएसई के ऑफिसियल साईट से इसकी समय सारणी आप डाउनलोड कर सकते हैं जो 10वीं और 12वीं के लिए होगी. इसके लिए डायरेक्ट लिंक जल्दी ही निचे उपलब्ध कराई जा रही है.

सीबीएसई समय सारणी 201 9 10 वीं और 12 वीं कक्षा के महत्वपूर्ण सुझाव

  • आधिकारिक वेबसाइट से दिनांक पत्र डाउनलोड करें.
  • जारी किए गए दिनांक पत्र के अनुसार अपना अध्ययन कार्यक्रम तैयार करें.
  • छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी परीक्षा में अच्छे अंक अर्जित करने के लिए कड़ी मेहनत करें.
  • बोर्ड परीक्षाओं में अच्छी तरह से स्कोर करने के लिए अपने माता-पिता और शिक्षकों से सलाह लें.

डाउनलोड करें सीबीएसई 2019 की समय सारणी

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सीबीएसई के पुराने रिजल्ट यहाँ चेक करें

 Secondary School Examination (Class X) 2018 – Compartment –  Announced on 9th August 2018
    School Wise Results
 Senior School Certificate Examination ( Class XII ) 2018 – Compartment –  Announced on 7th August 2018
    School Wise Results
 CBSE – UGC NET EXAMINATION – July 2018 –  Announced on 31st July 2018
 NEET(UG) Exam Results – 2018 –  Announced on 04th June 2018
 Joint Entrance Examination (Main) 2018- With Rank –  Announced on 30th May 2018
( Both Paper I and Paper II )
 CBSE – Class X Examination –  Announced on 29th May 2018
 Senior School Certificate Examination (Class XII ) 2018 –  Announced on 26th May 2018
 CBSE – UGC NET EXAMINATION – November 2017 –  Announced on 2nd Jan 2018

बोर्ड को वर्तमान स्तर पर स्थापित करने के लिए वर्षों तक हुई प्रगति महत्वपूर्ण परिवर्तनों को दर्शाती है। उत्तर प्रदेश बोर्ड आफ हाई स्कूल एंड इंटरमीडिएट एजूकेशन पहला बोर्ड था जिसकी स्थापना 1921 में हुई थी। राजपूताना, मध्य भारत तथा ग्वालियर इसके अधिकार क्षेत्र में आते थे । संयुक्त प्रांतों की सरकार द्वारा किए गए अभ्यावेदन के उत्तर में तत्कालीन भारत सरकार ने सभी क्षेत्रों के लिए वर्ष 1929 में एक संयुक्त बोर्ड स्थापित करने का सुझाव दिया जिसका नाम ‘बोर्ड आफ हाई स्कूल एंड इंटरमीडिएट एजुकेशन राजपूताना’ रखा गया। इसमें अजमेर, मेरवाड़ा मध्य भारत और ग्वालियर शामिल थे।

बोर्ड ने माध्यमिक शिक्षा स्तर पर तीव्र प्रगति और विस्तार किया जिसके फलस्वरूप इसके संस्थानों में शिक्षा के स्तर एवं स्वरूप में सुधार आया परन्तु राज्यों के विश्वविद्यालयों और देश के विभिन्न भागों में राज्य बोर्ड स्थापित हो जाने से केवल अजमेर, भोपाल और तत्पश्चात विंध्य प्रदेश ही इसके अधिकार क्षेत्र में रह गए। इसके परिणामस्वरूप वर्ष 1952 में बोर्ड में संगठानात्मक संशोधन किए गए जिससे इसका क्षेत्राधिकार भाग-ग और भाग- घ के क्षेत्रों तक बढ़ा दिया गया और बोर्ड को इसका वर्तमान नाम “केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड” दिया गया। अंततः, 1962 में बोर्ड का पुनर्गठन किया गया। इसके प्रमुख उद्देश्य थे-शिक्षा संस्थानों को अधिक प्रभावशाली ढ़ंग से सहयोग प्रदान करना, उन विद्यार्थियों की शैक्षिक आवश्यकताओं के प्रति अनुक्रियाशील होना जिनके माता-पिता केन्द्रीय सरकार के कर्मचारी थे और निरंतर स्थानान्तरणीय पदों पर कार्यस्थ थे।

सीबीएसई के प्रमुख उद्देश्य

    • गुणवत्ता का समझौता किए बिना बच्चों को तनाव रहित, छात्र केन्द्रित और सम्पूलर्णवादी शिक्षा प्रदान करने के लिए शैक्षणिक गतिविधियों के उपयुक्त दृष्टिकोणों को परिभाषित करना।
    • विभिन्न् पणधारियों से प्रतिपुष्टि प्राप्त् करके शैक्षणिक गतिविधियों का विश्लेकषण और अनुवीक्षण करना
    • गुणवत्ता् मामलों सहित विभिन्न् शैक्षणिक गतिविधियों के कार्यान्वायन हेतु मानक विकसित करना; बोर्ड के विभिन्न् शै‍क्षणिक और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के कार्यान्वनयन का नियन्त्रण एवं समन्वय करना; शैक्षणिक गतिविधियां आयोजित करना और इस प्रक्रिया में शामिल अन्‍य एजेंसियों का पर्यवेक्षण करना
    • मनोवैज्ञानिक, शैक्षणिक और सामाजिक सिद्धान्तों के साथ अनुरूपता में शैक्षणिक उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए विधियों को अनुकूल बनाना और नवाचार लाना।
    • शिक्षक एवं छात्र अनुकूल तरीके से छात्रों की प्रगति का लिखित प्रमाण देने के लिए विद्यालयों को प्रोत्सानहित करना।
    • राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप विद्यालय शिक्षा में गुणवत्ता बेन्च मार्क प्राप्त करने के लिए योजनाएं सुझाना।
    • शिक्षकों की व्यायवसायिक सक्षमता अद्यतन करने के लिए विभिन्न क्षमता निर्माण तथा सशक्तिकरण कार्यक्रमों का आयोजन करना।
    • कक्षा 10 वीं और 12 वीं के अंत में सार्वजनिक परीक्षाएं आयोजित करना और परीक्षाओं के लिए शर्तें निर्धारित करना। सम्बिद्ध विद्यालयों के सफल छात्रों को अर्हक प्रमाण पत्र प्रदान करना।
    • ऐसे छात्रों की शैक्षिक अपेक्षाएं पूरी करना जिनके माता-पिता स्थानान्तरणीय नौकरी में हैं।
    • परीक्षाओं के लिए अनुदेशों की विधि को निर्धारित और अद्यतन करना।
  • परीक्षा के उद्देश्य से संस्थाओं को संबद्ध करना और देश के शैक्षणिक स्तर को बढ़ाना।

बोर्ड के प्रमुख केन्द्र बिंदु

    • छात्र अनुकूल एवं छात्र केन्द्रित प्रतिमानों पर विचार करते हुए अध्यापन-अधिगम प्रणालियों में नवाचार
    • परीक्षाओं और मूल्यांकन पद्धतियों में सुधार
    • कार्योंन्मुख और कार्य संबंधी आगतों को शामिल करते हुए कौशल अधिगम
  • सेवाकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं इत्यादि का आयोजन करके शिक्षकों और प्रशासकों की शैक्षणिक कौशल को नियमित रूप से अद्यतन करना।

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